कहते हैं किसी लेख में प्राण वायु तभी उपजती है जब उसे पढ़ने वाले सच्चे पाठक मिल जायें| मेरी लेखनी को भी दरकार इसी भावना की थी लिहाजा मानवीय जीवन के इर्द-गिर्द हो रही समग्र प्रेरक और अंतर्मन को उद्द्वेलित कर देने वाली घटनाओं को अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के अन्य जनों तक पहुंचाने की आकांक्षा ने मुझे ये ब्लॉग लिखने की प्रेरणा दी|
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
-
मिटाये से न मिटेगी कभी साख भारत की झुकाये से न झुकेगी कभी शान भारत की | बदल दे इतिहास के रुख को वो है पहचान भारत की || वो है पहच...
-
दोस्तों , जैसा कि हम सब ये देख रहे हैं कि Corona नाम के एक छोटे से विषाणु ( Virus) ने अचानक देखते-देखते किस प्रकार Globalization क...
-
दे रही संदेश ये सृष्टि , पाप का अब नाश हो । ऐसे में अब इस धरा पर , आपका पुनर्वास हो । सो रही माया कहीं , जीवन कहीं ओझल पड़ा ।...
-
दोस्तों , आज मैं आप सभी से जिस संवेदनशील विषय पर बात करना चाहती हूँ वो न केवल इस धरती से जुड़ा है अपितु ये वो चेतावनी है जो पृथ्वी क...
-
ये तेरा है… ये मेरा है , बस इसी मानवीय सोच के कारवां का एक मूर्त रूप है सरहद जिसके मायाजाल ने आज सम्पूर्ण विश्व ...
bhut acchi jankari di h apne
जवाब देंहटाएंScikeeda
Scikeeda
Scikeeda
Scikeeda
Scikeeda
Scikeeda
Scikeeda
Scikeeda