इस रंग-रंगीली
दुनिया में
असली होली तो
तब होगी
जब बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय
की सहस्त्रों
धाराएँ एक बार फिर
जगत मध्य कदम
ताल करेंगी।
जीवन का स्पंदन
तब
भय के घेरे
से मुक्त बहेगा
जब रंगों की
बौछार में
मानव जाति का
समावेशन भी
खुलकर प्रकृति
संग जीवन को
जी लेने की
हुंकार भरेगा
असली होली तो
तब होगी...
स्वरचित रश्मि श्रीवास्तव “कैलाश
कीर्ति”
आइये इस होली
अपने देश संग समग्र संसार में शांति स्थापना और निर्विघ्न जीवन के रंगों की छटा इस
धरा पर सदा सर्वदा बिखरते रहने की कामना करते हुए इस रंग महोत्सव को सबके संग मिलकर
मनाएँ, आप सभी को सामाजिक सद्भाव और एकता का संदेश देती होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!!!
.jpg)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें